Neeraj Bora MLA
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पालना गृह घोटालाः बीजेपी विधायक के घर सीबीआई की छापेमारी

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मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि उत्तर प्रदेश के कुख्यात पालना गृह घोटाले की जांच कर रही सीबीआई की टीम ने मंगलवार रात सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी के विधायक नीरज बोरा के घर पर छापेमारी की कार्रवाई की है.

रिपोर्टों के मुताबिक सीबीआई के अधिकारियों ने लखनऊ से भाजपा विधायक नीरज बोरा के घर छापेमारी के साथ ही उनके दो भाइयों से भी इस मामले में पूछताछ की है.

वहीं विधायक नीरज बोरा ने एक बयान जारी कर कहा है कि उनके आवास पर या उनसे जुड़े किसी स्थान पर कोई छापेमारी नहीं की गई है.

सीबीआई ने अभी अधिकारिक तौर पर इस छापेमारी के बारे में जानकारी नहीं दी है. सीबीआी आमतौर पर अपनी छापेमारी के बारे में जानकारी सार्वजनिक नहीं करती है.

इस घोटाले की जांच में विधायक की संस्था का नाम आने के बाद सीबीआई ने यह रेड की है. सीबीआी ने एनजीओ से जुड़े दस्तावेज भी खंगाले हैं.

आजतक ने अपनी रिपोर्ट में छापेमारी का ज़िक्र तो किया है लेकिन विधायक का नाम नहीं लिया है. कई अन्य मीडिया संस्थानों ने भी बिना विधायक का नाम लिए रिपोर्ट प्रकाशित की है.

क्या है योजना

राज्य सरकार ने यह योजना गरीबों के बच्चों का ध्यान रखने के लिए चलाई थी. इस योजना में श्रमिको के पूरे परिवार का ब्यौरा लेने के बाद और उन्हें श्रम विभाग में पंजीकृत कराने के बाद सरकार पालना गृह योजना के तहत उनका पालन करती थी.

क्या है घोटाला

जो पैसा ग़रीब बच्चों के लालन-पालन पर ख़र्च होना था उसे घोटालेबाज़ डकार गए थे.

समाज के सबसे अंतिम पायदान पर खड़े परिवारों की मदद के लिए चलाई गई ये योजना कागज़ों में ही सिमट कर रह गई थी.

योजना के किर्यान्वयन में बड़े पैमाने पर घोटाला सामने आने के बाद इसकी जांच सीबीआई को सौंप दी गई थी. इस स्कैम में कई नेताओं और अधिकारियों के करीबियों के एनजीओ के नाम सामने आ रहे हैं.

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक सीबीआई ने सोमवार को भी विधायक के आवास पर रेड की थी. विधायक के दो भाइयों को पूछताछ के लिए सीबीआई के दफ़्तर बुलाया गया था.

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भ्रष्टाचार ने पालना गृह योजना पर ताला लगा दिया था.

 

जांच के दायरे में क़रीब ढाई सौ ग़ैर सरकारी संगठन हैं जिनमें से कई के तार अधिकारियों और नेताओं से जुड़े हैं.

पालना गृह योजना के तहत श्रमिकों के बच्चों का लालन-पालन किया जाना था. लेकिन घपलेबाज़ों ने पहले से ही पंजीकृत श्रमिकों के बच्चों के नाम रजिस्टर पर चढ़ा लिए.

बच्चों के हक़ का पैसा ये घोटालेबाज़ खा गए. अब क़ानून का फंदा इन तक पहुंच रहा है. सीबीआई की जांच अगर सही दिशा में चली तो कई सफ़ेदपोशों का स्यास पहलू सामने आ जाएगा.

कौन है नीरज बोरा?

नीरज बोरा लखनऊ नार्थ सीट से बीजेपी के विधायक हैं. नीरज बोरा ने साल 2012 का चुनाव कांग्रेस के टिकट पर लड़ा था. बाद में दल बदलकर बीजेपी में शामिल हो गए. नीरज बोरा पेशे से डॉक्टर हैं और आईएमए लखनऊ के अध्यक्ष भी रह चुके हैं. वे लखनऊ में संचालित कई संस्थानों के प्रबंधन से भी जुड़े हैं.

भाजपा की ज़ीरो टालरेंस नीति का क्या होगा?

भाजपा के नेता और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समय-समय पर इस बात को ज़ोर देकर कहते रहे हैं कि उनकी पार्टी में भ्रष्टाचार को किसी भी क़ीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

पार्टी का कहना है कि वह भ्रष्टाचार के मामले में ज़ीरो टालरेंस की नीति पर चलती है. लेकिन विधायक के घोटाले से तार जुड़ने पर जिस तरह की ख़ामोशी है उसे देखते हुए लगता है कि पार्टी के लिए इस नीति की बात करना आसान है, चलना शायद थोड़ा मुश्किल.

 

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